जिन्दगी चहक उठेगी,
एक आवाज तो कर,
इन बुझी बुझी आँखों के नाम ,
एक ख्वाब तो कर।
क्यों डरता है दिल ,
लगाने से सनम,
कुछ ऐसी मुहब्बत कर,
किसी की चाहत में खुदको ,
आबाद या बर्बाद तो कर।
गर हकीकत में न मिल पाए ,
तो कोई बात नहीं,
बनके ख्वाब तेरी चाहत में ,
आ जाएंगे हम ,
तू एकबार याद तो कर।
अंजू दीक्षित,
बदायूँ,उत्तर प्रदेश।।

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