कुछ खराब है तबियत, पर तुझे उठना है,
कुछ देर और सो जा!, कह देने वाली,
यहां मां थोड़े ही है।
क्या हुआ जो आंसुओं ने चेहरा भिगोया है,
अपने आंचल से पोछने वाली,
यहां मां थोड़े ही है।
जितना जी करे तेरा, तू उतना रो ले,
तेरी नींद की सिसकियां भी सुनने वाली,
यहां मां थोड़े ही है।
भूख लगी है तुझे, चाहे भूखी ही सो जा,
डांट डांट कर खिलाने वाली,
यहां मां थोड़े ही है।
तक़लीफ है तुझे कुछ, चेहरा उदास है,
हर दर्द बिन कहे समझने वाली,
यहां मां थोड़े ही है।
जब तक जी करे तेरा, तू देर रात तक पढ़ ले,
किताबें छीन कर सुलाने वाली,
यहां मां थोड़े ही है।
दुआएं साथ हैं मां की, ये सांसे चलती रखेगी,
जिंदगी मर रही हो तब भी, उसे जिंदा रखेगी,
मां की ममता में बड़ी ताकत है,
कोई छल कपट थोड़े ही है।
.......✍️🌅🙏 ऋतु बाजपेई

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