नव वर्ष नव प्रातः
उदित दिवाकर नव सुमित
रश्मियों संग प्रभाकर
मन मुदित कुसुम प्रफुल्ल तरुवर
नव भाल शोभित ललाट सुरवर
शोभित तिलक
कंठ मुतियन माल
लीलाधर बंसीधर कह
नटवर नागर
कृष्ण मुरारी संग राधा रानी
रास रचावत लीलाधर
बंसी वट धेनु चरावत
ग्वाल बाल संग
अधर सुधारस बाजती
बंशी मुरलीधर
नटवर नागर नटवर नागर
ब्रज बिहारी वृन्दावन ।
काव्य रचना -रजनी कटारे
जबलपुर (म. प्र.)

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