•नया साल आने ही वाला था और अर्चना के कॉलेज में फंक्शन था। जिसकी तैयारी सभी लड़के - लड़कियां मिलकर करते थे .टीचर कोई सहायता नहीं करते थे. क्योंकि यह फंक्शन एक तरह से सभी के साथ फ्रेंडली होने का समय होता था और बस स्टूडेंट अपनी क्रिएटिविटी दिखा सकते थे. तो हर साल की तरह फाइनल ईयर के स्टूडेंट मिलकर फंक्शन को पिछले साल से बेहतर बनाने का प्रयास करने में जुटे थे. अर्चना और उसकी तीन फ्रेंड और साथ में विवेक और उसके दो फ्रेंड इन सब का ग्रुप कॉलेज का सीनियर होने के साथ-साथ बहुत एक्टिव भी था. सब कुछ डिसाइड हो चुका था कौन क्या करेगा. कौन बोलेगा लेकिन अर्चना के मन में एक अलग तरह की हलचल थी अर्चना और विवान इलेवंथ क्लास से एक-दूसरे को जानते थे और कॉलेज में आते आते हैं दोनों एक दूसरे के प्रेम में पड़ चुके थे.
मगर दिलचस्प यह था कि ना कभी विवान ने आई लव यू बोला और ना कभी अर्चना ने कोई प्रेम का इजहार किया दोनों को पता था कि वह दोनों एक दूसरे से प्रेम करते हैं और दोनों ही अपने अपने भविष्य को लेकर भी एकदम क्लियर थे।
एक तो कॉलेज के फंक्शन की वजह से खाली समय ऊपर से वैलेंटाइन डे नजदीक रोमांस तो कॉलेज की फिजाओं में घुल चुका था।🌹😍

हर कोई प्रेम का इजहार कर रहा था तो कोई नई साल का इंतजार कर रहा था। फंक्शन वाले दिन हर साल न जाने कितनी जोड़ियां बनती और बिगड़ती है यह कॉलेज का इतिहास रहा है।

अर्चना और विवान अच्छे दोस्त हैं बहुत अच्छे यह उनका पूरा फ्रेंड सर्कल जानता था। मगर दोनों के बेस्ट फ्रेंड के अलावा यह कोई नहीं जानता था कि वह दूसरे से कितना प्रेम भी करते हैं। लेकिन हां उनकी बातों से उनके व्यवहार से झलक उठता था।

विवान से अगर कोई लड़की बात करें तो अर्चना जल भून जाती थी।

और विवान हमेशा उसे चिढ़ाने के लिए किसी ने किसी लड़की का नाम लेता ही रहता था।
इधर अर्चना अगर एक दिन भी कॉलेज ना आए तो विवान तड़प उठता था और कोई ना कोई बहाना लेकर उसके घर के चक्कर लगाया करता । अर्चना बदला लेने के लिए जानबूझकर छुट्टी कर लेती थी।
बस इसी तरह चूहा -बिल्ली की तरह लड़ते झगड़ते के 3 साल पूरे होने को आए थे ।
फंक्शन से 2 दिन पहले विमान ने अर्चना को कहा कि जैसे ही फंक्शन खत्म होगा मेरे साथ लंच पर चलना।

अर्चना ने चुटकी लेते हुए कहा लंच तो कॉलेज में ही है मैं इतना भी नहीं खाती के दो-दो बार लंच करु😅

  तो ठीक है कॉफी पीने चल पड़ना लंच के बाद कॉफी तो चलेग
विवान ने भी मुस्कुराते हुए कहा😄

और बस हमेशा की तरह बिन बोले ही उनकी हां या ना तय हो गई
आज फंक्शन के दिन अर्चना मेहरून कलर की ड्रेस में बहुत खूबसूरत लग रही थी उधर विवान भी ब्लैक ड्रेस में स्मार्ट लग रहा था।

रह रह कर दोनों की नजर एक दूसरे को देख रही थी।
दोनों ही एक अजीब कशमकश में थे विवान भी और अर्चना भी।

वह दोनों शायद समझ भी रहे थे 
फंक्शन बहुत अच्छा गया सब ने बहुत इंजॉय किया है लंच के बाद सब अपने घर जाने लगे तो...

अर्चना साइकिल स्टैंड की तरफ अपनी साइकिल निकाल रही थी तभी विवान ने पीछे से आवाज लगाई कॉफी ठंडी हो जाएगी।

बिना कुछ बोले मुस्कुराते हुए अर्चना साइकिल को पकड़कर चल रही थी और विवान उसके साथ चल रहा था कॉलेज से निकलते ही पास के एक कैफे में दोनों पहुंच गए।

दोनों अभी काफी पी रहे थे पर ऐसा लग रहा था जैसे आज हम दोनों दोस्तों के बीच कोई बात ही नहीं है। कहां हो वह दिन थे जब उनकी बातें खत्म नहीं होती तो इस समय कम पड़ जाता था।

बस मुस्कुराते हुए एक दूसरे को देखते हुए कॉफी खत्म की अर्चना ने कहा कि मैं चलूं?

विवान ने कहा ठहरो मैं तुम्हें कुछ देना चाहता हूं*

बहुत खूबसूरत दिल की शेप का न्यू ईयर कार्ड . अर्चना की तरफ बढ़ाया और उसके गाल पर किस किया।

अर्चना एकदम से सहम गई
शरमा गई और उसने नजरें उठाकर विवान की तरफ देखा और उसकी आंखों से आंसू लुढ़क कर उसके गालों पर आ गई।

विवान अभी हैरान होकर सोच ही रहा था कि यह आंसू कैसे क्या खुशी के है?
विवाह ने कहा तो खुशी में पलकें भीग गई हैं

अर्चना ने कहा कि नहीं
अबकी बार थोड़ा सीरियस हुआ और कुछ लगा क्या हुआ ? बताओ ना!

मैंने तो बस ऐसे ही तुम्हें किस कर दिया था!😢

माफ करना अगर तुम्हें बुरा लगा
अच्छा कार्ड खोल कर तो देखो देखो मैंने क्या लिखा है कितना अच्छा लिखा तुम्हारे लिए।
अर्चना ने कार्ड खोलकर देखा
शेरो -शायरी में उसकी आंखों की ,लबों की, उसकी हंसी की तारीख लिखी थी।

और साथ में थ्री मैजिकल वर्ड्स आई लव यू $
Happy new year

अर्चना उसे कार्ड में मुंह छुपा कर जोर जोर से रोने लगी😢😢

फिर
उसने एकदम संभालते हुए देखा दूसरे लोग उसी की तरफ देख रहे थे।

वो एकदम से उठी और अपनी साइकिल की तरफ जाने लगी।

विवान दौड़कर के पीछे आया और रोड पर ही उसकी साइकिल रोकते हुए पूछा आखिर बात क्या है तुम्हारे दिल में कुछ और है तो बता दो।

अर्चना ने कहा के मैं तुम्हें अपनी शादी का कार्ड भिजवा दुंगी, 
यह सब इतनी जल्दी में हुआ मैं तुम्हें बता भी नहीं पाई और घर वालों ने मेरी शादी पक्की कर दी
एक सांस में अर्चना ने अपनी बात पूरी की
विवान मानो काटो तो खून नहीं, फिर संभलते हुए बोला
तुम बताओ  तुम क्या चाहती हो

विवान ने कहा अगर तुम हां कहो तो मैं अभी तुमसे शादी करूं और हम दोनों कहीं दूर इस दुनिया से चले जाएंगे ना रीति रिवाज ना कुछ और हमारे सामने आएगा।

अर्चना ने कहा -कि नहीं मैं अपने घर वालों के खिलाफ नहीं जा सकती। दूसरी जाति में विवाह करके उनका सिर नीचा नहीं कर सकती। उनका अपमान नहीं कर सकती का विश्वास नहीं तोड़ सकती

थोड़ी देर खामोशी छाई रही, फिर  मुझे क्या करना है? यह बता दो! ःविवान ने संभलते हुए कहा।

अर्चना ने गहरी सांस ली!आप कुछ भी करो मेरे जीवन में दोबारा कभी मत आना।

विवान वही खड़ा रह गया अर्चना आगे बढ़ गई।

फिर विवान ने भी उसके विपरीत चलना शुरू कर दिया और बीच में पड़ा रह गया वह कार्ड जिसके ना अर्चना का नाम था,और ना विवान का नाम था। लिखी थी तो प्रेम भरी शायरी और को प्रेम का इजहार


लिखा था तो उस पर बड़े बड़े अक्षरों में हैप्पी न्यू ईयर

वंदना शर्मा 🙏