नीरस भरे माहौल में,
अमृत की बारिश होजाए,
जहर घुला है आज हवा में,
मुंह पर बांधे सभी नकाब,
अमृत की दो बूंद को तरसे---
सारा संसार बेहिसाब,
काश कोई ऐसा आ जाए---
सारे रोग विकार मिटाए,
संसार को कष्ट संकट से,
अपनी छत्रछाया दे जाये,
नीरस भरे माहौल में---
अमृत की बारिश कर जाए,
सबके कष्ट मिटाने को---
पवन पुत्र जी उड़कर आए,
कृपा करें सभी पर अपनी---
संजीवनी बूटी दे जाए,
नीरस भरे माहौल में,
अमृत की बारिश कर जाएं,
संगीता वर्मा✍✍

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