मेरा यार तू मेरा प्यार तू कैसे तुझे बताऊं,
यह चाहत के जज्बे यार मेरे प्यार मेरे लिख न पाऊं।
तू भी मुझे इतना चाहे जितना तुझे मैं चाहूं ,
बनके मोहब्बत मेरे हमसफ़र तेरी रूह में उतर जाऊं ।
लम्हे लम्हें तुम मुझको याद आते हो,
काश इतना तुमको भी मैं याद आऊं।
आकर सुन मेरे हमराही धड़कनों की सदा ,
ना लूं नाम तेरा यो सांसे ना ले पाऊं ।
तेरी दी कसम मुझे निभानी है,
जी तो करता तुझसे बिछड़ कर मैं मर जाऊं ।
लोग पूछते हैं राज मेरे चेहरे की चमक का ,
यह तेरी मोहब्बत की तपिश है कैसे मैं बताऊं।
बड़ा मुश्किल है तेरे बिना जीना ना कुछ ,
पलकों में अश्क ले कैसे मैं मुस्काऊ।
मुद्दतें हो गई बने समरे तुम आओ तो बनके,
आइना तेरी आंखों में समर जाऊं ।
आकर संभालो मेरे नाजुक दिल को ,
ऐसा ना हो कि रेजा रेजा हो के बिखर जाऊं।
अंजू दीक्षित,
बदायूँ,उत्तर प्रदेश।

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