कलम मेरी प्रेरणा , मेरी सखी सहेली, 
समाधान करती हो चाहे कोई पहेली 
🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷
ना रूठती, ना रूकती ,सरपट चलती 
जज्बातो को मेरे ,कागज पर ले आती 
🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷
कभी ना डरती, बस बेबाकी के भाव रखती 
 गीत कभी मुक्तक से मन की व्यथा बताती 
🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷
जब जब बेचैन रहती हूँ, पूछ लेती ये हाल 
कभी कहानी ,ओर किस्से लिखती सालो साल 
🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷
ना स्वार्थ ना अभिमान, नम्रता का परिधान 
लेखन चलता , ज्यों चलता विधि का विधान 
🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷
एक एक स्वर सुरभित होता जैसे कलम चलती 
कलम से ही अस्तित्व शब्दों का ,भाव ये बनाती 
🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷
कलम ही मेरी सखी सहेली ,हृदय को ये भाती 
समाज के हर रंग का ये दर्पण हमें दिखलाती
🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷
पल भर में इतिहास ये लिख दे,वर्तमान समझाती 
हथियारों में अचूक शस्त्र है, भान सभी को कराती 
🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷
तलवारों सा वार भी करती ,बिना घाव लगायें 
शत्रु को भी पस्त करदे, विरूद्ध जो लिख जाये 
🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷


कृष्णा की✍️ कलम से