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हर पल गुजर रहा है,
हर दिन गुजर रहा है,

देखो समय हाथ से---
धीरे धीरे फिसल रहा है,

बन जाते हैं यूं ही फसाने,
ये दिन है बड़े सुहाने,

ये क्यों गुजर रहे हैं,
क्यों हाथ से निकल रहे हैं,

जानते हैं उम्र बढ़ेगी,
सब कुछ बदल जाएगा,

इन लम्हों का मौसम---
फिर लौट के ना आएगा, 

रह जाएगा पछतावा, 
कोई समझ नहीं पाएगा, 

छोटे-छोटे लम्हों में ही---
खुशियों को तुम मान लो, 

क्या पाप है क्या पुण्य है, 
बस एक बात जान लो, 

कहते हैं सब किस्मत की---
सबके हाथ में रेखा है,

भविष्य में क्या होगा---
क्या किसने देखा है,

दिल किसी का टूटे ना, 
आवाज नहीं आती है, 

टूटे दिल की आह ही---
पाप बन जाती है,

कोशिश करो कोई भूल ना हो,
ना पुष्प बनो तो शूल भी ना हो,

खुश किस्मत है इंसान है हम,
कुदरत का वरदान है हम,

इस वरदान का मान रखें,
दिल सच्चा और साफ रखें,

ऊपरवाला देखो हमसे
आंख मिचोली कर रहा

देखो हर क्षण गुजर रहा है, 
हर पल हर दिन गुजर रहा है,

संगीता वर्मा✍✍