सुकून की जिंदगी
जी जा सकती है
जब बैठेंगे एकांँत में
कुछ पल अपने
लिए ध्यान करें
क्या पाया क्या खोया
भागम भाग की
जिंदगी से
खुद से बातें करें ,
खुद की सुनें
खुद को जाने ,
खुद को पहचाने
अपने अंदर बैठे
परमात्मा से मिले
हमारी जिंदगी का
मकसद क्या है जाने
यूं ही भाग दौड़ करते
हुए जीवन निर्वाह करना
सबके अंदर कोई
न कोई गुण उपस्थिति है
उसे हमें पहचानना होगा
उसे जीवन का मकसद
बनाना होगा
बिना फल की चिंता किए
अपने कर्म पथ पर
चलना होगा
अपने लक्ष्य को प्राप्त
करने के लिए निरंँतर
प्रयास करते रहना होगा
सुकून की ज़िंदगी भी मिलेगी
हर पल हंँसते
मुस्कुराते जीना होगा
शिल्पा मोदी ✍️✍️

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