दोस्त मेरे अजीब है बड़े
बातो का बवंडर लिए फिरते है
छोटी छोटी बातो से रुला जाते है
पल भर मै रूठ जाओ आके मुझको हँसा जाते है
लड़ते झगड़ते है दुश्मन बोलते है
पर मुझसे वो प्यार बेशुमार करते है
न मिलु एक दिन भी उन सब से
जिया अपना वो फिर बड़ा जलाते है
सामने आते ही बम की तरह वो फट जाते है
मैडम बिजी रहती है बड़ी नजाने कौन सी दुनियां मे रहती है
बना बना के बातो के जाल बार बार मुझे सुनते है
लडु न मै जब तक चेन कहाँ उन्हें आता है
बहुत गलियां देती हुँ उन को हँस हँस कर सहते है
जुदा ना हो कोई भी एक दूसरे से बस ये ही दूआ मांगते है
भिन भिन शहर के सब वासी है मिले ना कभी एक दूसरे से
फिर भी सब ने एक अजब गजब दुनियां बनाई है
हम सब ने बड़ी ही शिद्दत से अपनी यारियां निभाई है
छोड़े अगर कोई भी साथ सब उसको माना लेते है
यारी ना टूटे साथ कभी ना छूटे यही नारे सब लगाते है
लड़े चाहे कितना भी सुख दुख मे साथ निभाते है
आलिया खान

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