" वह जो आग 
      उस पार से आती है
बुझाती नहीं
      बस जलाती ही जलाती है
जलने से कोई गम नही होता
गर वो ना आए तो वह
गम कयामत से कम न होता
पर वो आये और उन्होंने कहा
कि वो जलाए तो हम बुझाने
की कहे तो दम न होता
यूँ तकरार  का सिलसिला बस
फिर कभी खत्म ही न होता "



                   डॉ॰ सुरभि जैन
                 सतना,मध्य प्रदेश