किसी भी कहानी को पढ़ने वाला सभी पाठक लेखन कार्य को देखता है!उन शब्दों के पीछे छिपी भावना को देखता है! और उसी से तय कर देता है कि वो कितना काबिल हैं लेकिन एक पाठक लेखक की मन में चल रहे , लड़ाई को नहीं देखता है और न ही उन शब्दो पर ध्यान देता है जो लेखक अपनी लेख से दुसरे तक पहुंचाना चाहता है!एक लेखक किसी भी कहानी या घटना को सिर्फ़ लिखता ही नहीं है, बल्कि उसे महसूस भी करता है! लेखक की पूरी दुनिया उसके उन कहानी, शब्द, शायरी, लेख में खुद को जीता है, लेखक किसी वह शब्द को ख़ुद में पिरोता है उसके बाद उसे शब्द का रूप देता है!एक लेखक की सबसे बडी जमा पूंजी उसकी लेखन होती हैं, जो तुम उसके अंदर छुपे प्यार, नफ़रत, सही, गलत और समाज में पनपे बुराई को दुर करने की कोशिश करता है !
आदरणीय लेखक/ लेखिका को समर्पित 🙏🙏🙏
लक्ष्मणी खरे🖌️

0 टिप्पणियाँ