जरा जरासी खफा थी हुयी 
सांझ भी बेफिकीर  जी रही
खामोशि थी बया कर गयी
नाराजगी से कत्ल हो रही
साँसे  इस दिल की कह रही 
बेपनाह मोहब्बत बया हो रही 

कभी यू ही  
तेरा  कुछ ना  कहना ही
बहोत कुछ कह जाता है 
तुझसे नारज नही फिरभी 
तेरे लिये फिक्र मै जी रहा
कभी कुछ  ना कहना ये तेरा 
मुझसे  कुछ  था कह  रहा 
बेपनाह मोहब्बत बया हो रही 


सारिका ऐवले