अगर कभी हार गए ! तो कोई गम ना करना।
जिंदगी है भई ! लगा रहता है जीतना, हारना।
जीतने के लिए अभी है,बहुत कुछ सीखना। कामयाबी मिल जाएगी,भूल जाओगे हारना।
कोशिशें बहुत की थीं ,कामयाबी नहीं मिली।
मंजिल थी इतनीपास,क्यों मंजिल नहीं मिली।
थोड़ी प्रयास और करोगेे ,तो पा लोगे मंजिल। कोशिश करकेे हारेहो यार!दुखी ना करोदिल।
नजरें झुकी रहती ग़र ,पूरी कोशिश ना करते।
सभीलोग हंसते,और कितनी फब्तियां कसते।
देखो लोगों!येकितना नासमझ और नाकारा है
अरे! ये तो बिना कोशिश,कायरों जैसे हारा है।
कोशिशों से होते हैं,पूरेे काम बड़े या मुश्किल।
सोए हुए शेरके मुंहमें,चलकर आता नहीं मृग।
स्नेहलता पाण्डेय
नई दिल्ली

0 टिप्पणियाँ