नीचे आ जा सोनू  """"""
बस मम्मा आया बस एक और काट लूँ """
बाप रे ये बच्चे पंतग के चक्कर मे खाना पीना भी छोड देते है ,सास को पानी का गिलास पकडाती हुई बोली रेखा,
फिर से छत की ओर देखा,सोनू की परछाई मुडेरं पर 
नजर आयी,""""""
सोनू देखकर बेटा "
आगे छत पर रिलिगं नही है,"""""

हाँ माँ पता है ,सोनू जोर से चिल्ला कर बोला ,अब बडा हो गया हूँ ।।पंतग की डोर फंस गई है। निकालकर आता हूँ।

रेखा सोनू के लिऐ खाना लेने रसोई की ओर बढ गई ,
अचानक से धम्म की आवाज,,, जैसे कोई भारी चीज गिरी हो,रेखा का दिल दहल गया """"
कही सोनू तो नही""""
बाहर गली मे बहुत लोग जमा होने लगे"" रेखा भीड को चीरती हुई अन्दर दाखिल हुई ,,,सोनू पर नजर पडते ही  चीत्कार के साथ बेहोश हो गई ,,,,अखिर पंतग डोर से हमेशा के लिऐ अलग हो गई""""""""समाप्त



                 रीमा ठाकुर🙏✍️🏻✍️🏻✍️🏻