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कहते हैं जन्म एक ही बार- मिलता- है,
फिर जन्म जन्मांतर का खाता- क्यों खुलता है,
फिर सात जन्मों की कसमें,क्यों खाई जाती है,
क्या सच है क्या झूठ है-
यह कोई नहीं जानता,
पेड़ पर कुछ फूलो का मुरझाना--
कुछ कलियो का खिलजाना,
यह संकेत है ईश्वर का--
सात जन्मों की कसमे तो निभाने- आना है,
पंचतत्व की काया है,मिट्टी में मिल- जाना है
मिट्टी में ही मरता पौधा, फिर- मिट्टी- में उग जाना है,
हां सातजन्मों की कसमो को--
मिलकर साथ निभाना है।
संगीता वर्मा✍✍

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