ग़म   में डूबे  हुए थे   तो एक ज़ाम ले
 लिया मैने! गम दूर भगाने के लिए।
जिंदगी!!!!!!!!!!!!!!!!!!!
पूरी उम्र भी ............  कम पड़ती है
जिंदगी तेरा दिया  गम दूर करने के लिए ,
तो क्या एक-ज़ाम काफी है ?
कोई भी गम भुलाने के लिए ।

बहुत खुश थे तो एक ज़ाम ले लिया मैने!
अपनी खुशियों का जश्न मनाने के लिए।।
जिंदगी !!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!
तेरी खुशियां मिलने पर एक बार,
सम्भली नहीं हैं.................तो क्या 
एक ज़ाम काफी है जश्न मनाने के लिए।

मेरा दोस्त आया है एक ज़ाम ले लिया,
मैंने  उसकी   मेहमान नवाजी के लिए, जिंदगी! !!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!
तेरे पास तो रोज कितने आते है
क्या सबको बोतलें देती हो!
ज़ाम पे ज़ाम लड़ाने के लिए।

बहुत थक गया हूं तो एक जाम ले लिया,
मैंने अपनी थकान को मिटाने के लिए ।
जिंदगी !!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!
तू तो दिन रात चला करती है ।
बता दे जरा ! कितने ज़ाम लेती है !
रोज़ अपनी थकान को मिटाने के लिए।

बॉस के बातों से दुखी  एक जाम ले लिया,
मैनें क्योंकि बिना नशे के बोलती बन्द रहती।
मेरी नज़रें नीचे से ऊपर तक भी न उठती।
उसको खूब सुनाया एक ज़ाम लेने के बाद।
सुबह बॉस ने रेज़िग्नेशन लेटर थमा दिया,
ज़ाम के साथ  चखना लगाने के लिए।

महबूब की याद में तड़प कर,
एक ज़ाम उठा लिया मैंने!
कितने प्यार  में नाकाम तड़पते हैं ।
महबूब से मिलने की हसरत  लिए ।
तो क्या एक ज़ाम काफी है ?
महबूब को भुलाने के लिए।

ये सब तो एक नाकाम बहाने हैं ,
जो तुम रोज बनाया करते हो ।
तुम्हें तो बस पीने का बहाना चाहिए,
तो लाखों बातें बनाया  करते  हो।
अभी भी वक्त है चेत लो! !!!!!!!
अपने सुखी आशियाने के लिए ।
ज़ाम कभी भी ज़रिया नहीं होता।
खोई हुई खुशियां पाने के लिए।

      स्नेहलता पाण्डेय
       
             नईदिल्ली