जितनी लडाई होती
उतना ही गहरा प्यार होता
आज समझ मे आयी भाई क्या होता
जो बहुत परेशान करता था
हमेशा झगडता था हमसे
आज बही भाई जान छिडकता
आज समझ मे आयी भाई क्या होता ।
पापा की डाँट से जब बचाती थी मै
चुपके से मीठी झप्पी लगा देते थे बे
दीदी बताना नही पापा को ,राजदार बना लेते ।
आज समझ मे आयी भाई क्या होता ।
हर आदत का ख्याल रहता
तभी गुस्सा होने पर सौ बार मना लेता
काहे रुठी हो ,बता तो दो ,पूँछ लेता
आज समझ मे आयी भाई क्या होता ।
जब आवाज थकी सी लगे मेरी
क्या बात है ,सब ठीक तो है ,सौ बार पूँछ लेता
मै हूँ न ,दीदी ,हिम्मत से भरता रहता ।
आज समझ,मे आयी भाई क्या होता ।
ये बचपन के रिश्ते ही नही है
ये पूँजी जीवन भर की होती है
सारी दुनियाँ की दौलत से भी प्यारे भाई होते है ।
आज समझ मे आयी भाई क्या होते है ।
मीनाक्षी शर्मा
भोपाल,मध्यप्रदेश

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