जिंदगी की आखिरी सांँस जब मैं लूंँ 
हे गोविंद तुम मेरे समीप रहना
मेरा मुख तेरे नाम का उच्चारण करें 
ऐसी मुझे भक्ति देना

गंँगा का किनारा मिल जाए 
हे बंँसी बजैया जीवन मरण के चक्र से मुझे मुक्ति मिल जाए
मुझे मोक्ष देकर बैकुंठधाम ले जाना
ऐसी कृपा आप  मुझ पर बरसाना

जिंदगी की आखिरी सांँस जब मैं लूं
हे गोविंद अपनी संँग राधे को भी लाना
कंँठ से जब प्राण निकले 
मुझे कोई पीड़ा ना पहुंँचाना
मेरी माँग सिंदूरी रहे
गाजे बाजे के साथ ले जाना
हे प्रभु विनती है आपसे 
इतनी कृपा मुझ पर जरूर से करना

शिल्पा मोदी🙏🙏