शायद उनको याद है
शायद उनको याद है
एक मीठी सी फरियाद है
रूठना तो बेबुनियाद है
उनकी हंसी प्रेम का प्रसाद है
उनसे हुई दुनिया आबाद है
उनकी निगाहें अमूल्य जायदाद हैं
चाहने वालों की गजब तादात है
शायद उनको याद है
हां शायद उनको याद है
भुला ना उनको मुमकिन नहीं
वह बसे हैं दिलों दिमाग पर
शायद दीदार कर लेते
यह उम्मीद मुझे आज भी है
सदा थी सदा है सदा रहेगी
शायद उनको याद है
एक मीठी सी फरियाद है
शायद उनको याद है
डाॅ. सुरभि जैंन "श्रुति"

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