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ये दिल भी क्या चीज है,
क्यों टूट जाता है,
जब कोई अपना रूठ जाता है,
सब इसी का खेल है,
कोई पास है तो कोई फेल है,
प्यार में हमेशा इकरार होता है,
यह दिल भी न जाने क्यों बेकरार होता है ,
तुम पास हो या ना हो चाहे कितनी दूर हो,
दिल से दूर ना जाना,
इस दुनिया की भीड़ में,
केवल तुम को माना,
याद हमेशा ही रहती है---
कभी भूल ना पाएंगे,
पलकों पर बिठाया तुमको,
आंखों में समाएंगे,
दिल की गहराइयों में,
घर अपना बनाए हैं,
एक दिल ही तो अपना है,
लेकिन हम पराए हैं,



            संगीता वर्मा✍✍