बंधन प्रेम का अटूट होता, 
माँ बाप का प्रेम वात्सल्य से बँधा, 

बँधन प्रेम का अटूट होता, 
पति पत्नी का प्रेम प्रणय से बँधा, 

बँधन प्रेम का अटूट होता, 
भाई बहिन का प्रेम रक्षासूत्र से बँधा, 

बँधन प्रेम का अटूट होता, 
बहिन बहिन का प्रेम स्नेह से बँधा, 

बँधन प्रेम का अटूट होता, 
भाई भाई का प्रेम प्यार से बँधा, 

बँधन प्रेम का अटूट होता, 
परिवार का स्नेह प्रेम रक्त से बँधा, 

बँधन प्रेम का अटूट होता, 
हर एक इन्सान देश प्रेम से बँधा ।

      काव्य रचना -रजनी कटारे 
            जबलपुर (म. प्र.)