ये यादो का सिलसिला  

कभी नही थमता, 

ये ले जाता है बहुत दूर

 जहाँ मन शीतल सी छांव में ठहर जाता है,

 ये याद की दौलत है,

 इसे सम्हाल कर रखना

जिंदगी के बाद भी यादों

का सफर जिंदा रहता है 

सब है  रिश्ते कोमल से यादों से

इसको सजा लेना,

इस कीमती हीरे को कभी खोना मत,

 यादो के इस सफर को यादों में सजा कर रखना,

ये है चाहत का सफर ,

मासूम यादों का सफर



         डॉ सुरभि जैंन "श्रुति"