फूल खिलते हैं कलियां मुस्कुराती है।

फूल हर जगह खुशबू बिखेर देते हैं।

फूलों का काम है खिलना और हंसते रहना।

फूलों के सामने कोई भी गुजरे किसी भी धर्म का 

फूल उन्हें देख कर मुंह नहीं मोड़ते।

हमेशा खुशबू ही बिखेरते है।

फूल खुद ब खुद झड़ते हैं,या हवा के झोंके से।

और जब भी झड़ कर धरती पर गिरते हैं खुशबू की कहानी लिखते हैं।

             



                         हरप्रीत कौर