जुआ खेलकर किस्मत आजमाने में क्या रखा है
हाथ की लकीरें दिखा झूठे अंधविश्वास और आडम्बर में क्या रखा है?
वक्त है मेहनत की कश्ती में सवार हो कुछ कर गुजरने का
आत्मविश्वास के रथ पर सवार हो आगे बढ़ने का संवरने का
बहाकर पसीना जो चूमते हैं हाथ की लकीरों को
कठिन परिश्रम से तोड़ देते हैं जो असफलता की जंजीरों को
वो रच जाते हैं इतिहास नाम अमर कर जाते हैं
जमाना भी फिर याद करता है भागीरथ जैसे वीरों को।
जो कर्मवीर हैं वो हाथ की लकीरें नहीं देखा करते हैं
उन्हें तो आदत है कांटों व शोलों पर चलने की
लाख मुश्किलें होने पर भी राह कभी ना वो बदलते हैं
जनाब दूसरों के बनाए रास्ते कहां रास आते हैं उन्हें
वे तो धरती का सीना चीर खुद सोना उपजाते है
साहस के बल पर नित्य नूतन पथ बनाते हैं।।
पिंटू कुमावत'किरण'🙏🙏💐💐

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