१.परम स्नेही
  तुम आ जाओ द्वारे
  बैचेन मन
२.बांवला मन
  तुम्हें बौरा के ढूंढे
  कहां हो तुम...?
३.राहों में बिछे
  ये दो नैन हमारे
  प्राण आधारे
४. थके है पांव
   हारे ह्रदय - प्राण
   दूर मुकाम
५. व्याकुलताएं
    ये अग्निपरीक्षाएं
    है अनंत सी
 ६.ये प्रतीक्षाएं
    इतनी क्यूं कठोर.. ?
  ‌  थमती नहीं
७.ले ले खबर
  छूट गया हैं सब्र
  हे रखवाले
८.वो साहस दे
 धैर्य से हो प्रतीक्षा 
  मृत्यु पर्यंत
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              मीनाक्षी 'मीरा'
     रोहिडा (माउन्ट आबू)राजस्थान