लक्ष्य हमने बना ली अब उसे सजाना है ।
कुछ अपने जज्बो से कर के दिखाना है ।।
चाहे रास्ते में हो कितनी ऊँची कठिन चट्टाने।
उन्हे तोड़ आगे अपने हिम्मत को दिखाना है।।
आज उस आसमान को भी पार कर जाना है।
ख्वाब है बडे़ मेरे उसे सच करके दिखाना है।।
बादल से अपने हाँथो मे जल गिराना है ।
आज कुछ ऐसा तुफानी कर जाना है।।
दूनियाँ को भी अपना ताकत दिखलाना है ।
और सपनो की दूनियाँ को हकीकत बनाना है ।।
चन्द परेशानीयों से यू ही हारने वाले नहीं हम।
हमेशा मुझे बस सपनो की दूनियाँ को जीत के आना है।।
आज फिर से चट्टानों को याद दिलाना है ।
आज चाँद और सूरज को भी दिखलाना है।।
पत्थर को पिघला कर पानी की बून्द बनाना है।
बंजर खेतो में भी कर्मो का फसल उगाना है।।
आज फिर अपने हौशलो की पंखो से उड़ जाना है ।
आज अपने अनोखे स्वप्न मार्ग को कर्मो से सजाना है।।
आज अपने कर्मो से कुछ अनोखा कर जाना है।
आज अपने कर्मो से कुछ अनोखा कर जाना है।।
''मित्र''

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