दीदी, दीदी वाला रिश्ता छोड़ आए पीछे गलियों में, भाभी,भाभी वाला रिश्ता जोड़ लिया है अब रिश्तो में, 
सात फेरों के सात वचन, 
हमने तुमने ली कसम--
एक दूजे को अपनाएंगे,मिलकर साथ निभाएंगे,
याद है वह दिन आज भी-- 
दीदी,बुआ, बेटी--
सब बंधन को छोड़कर, 
भाभी, चाची, ताई, बहू नाम से में जुड़ गई,
गठबंधन में बंध गई, 
छोड़कर बचपन की यादों को--
छोड़कर पहचान को अपनी मैं--
नए ढंग में ढल गई,
पिता का नाम छूट गया, पति के नाम से जुड़ गई 
सभी  बंधन को तोड़ कर, इस पवित्र बंधन में बंध गई।
                                                 
      संगीता वर्मा✍✍