नहीं छोडुँगी साथ तुम्हारा।
चाहे लेना पड़े जन्म दुबारा।
तुम कितना भी सताओ हमको।
चाहे बार बार पड़े मनाना।
कभी तुम रूठो कभी।
मैं भी ऐठ जाऊँगी।
जो तुम प्यार से बोलोगे।
एक पल में मान भी जाऊँगी।
बस ना करना दूर और ना जाना दूर।
दुनिया के कितने चाहे बदले दस्तूर।
हम ना बदलेंगे।
लड़ेंगे ऐसे ही।
ऐसे ही तक़रार करेंगे।
दुनिया कुछ भी समझें।
पर हम तो जानतें हैं।
यही हमारा प्यार हैं।
यही संग साथ हमारा।
यहीं जन्म जन्म का साथ है।
नीलम गुप्ता🌹🌹 (नजरिया )🌹🌹
दिल्ली

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