मेरी साँसो में नई उम्मीद जाग उठी।
रूके कदमों को एक नयी मंजिल मिल गयी।
मन अब दर्पण से बातें करने लगा है।
मैं भी कुछ अपने अन्तर्मन की सुनने लगी हूँ।
मुझे एक संजीवनी बूटी मिल गयी।
होठों पर हंसी मुसकुराने लगी।
पल पल में हँसती गुनगुनाने लगी हूँ।
मुझे एक प्यारा परिवार मिला है।
खुशियों का भंडार मिला है।
शुक्रिया मेरे सभी परिवारजनों और दोस्तों।
यहाँ पर एक नया संसार मिला है।
तृप्त जीवन का आधार मिला है।
नीलम गुप्ता 🌹🌹(नजरिया )🌹🌹
दिल्ली

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