पैसों की माया
नजदीक से नजदीक
रिश्तो में खट्टास है लाया
पैसों की माया
कहीं धूप कहीं छाया
दोस्त- दोस्त ना रहा
भाई -भाई ना रहा
मधुर से मधर रिश्तो में दरार लाया
पैसों की माया
ने सबको अपनी उंँगली में नचाया
राजा को रंक बनाया
कभी रंक को राजा बनाया
पैसों की माया
ने सबको लालची बनाया
सत्ता की कुर्सी को पाने के लिए
आपस में एकदूसरे.को खूब नीचा दिखाया
पैसों की माया
ने गुनाहगारों को निर्दोष बनाया
किसी को विवश तो
किसी को मजबूर है बनाया
पैसों की माया
ने मांँ-बाप को वृद्धाश्रम पहुंँचाया
दहेज के लिए बहू बेटी को जलाया
पैसों की माया
होनहार प्रतिभावान इंँसान को
दर-दर नौकरी के लिए है भटकाया
पैसों की माया
से आज तक कोई बच न पाया
नेक से नेक इंँसान को अपने चंँगुल में है फँसाया
शिल्पा मोदी✍️✍️

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