जन्म मृत्यू जब अटल है 
तो बार बार क्यो दोहराते 
जो होना ही है बही बताते 
अजन्मा नही जो जाना नही 

जब जन्म का उत्सव मनाते 
तो मृत्यू भी शाश्वत सत्य है ।
किरदारो को खुश हो निभाओ 
ताकि निर्णायक ताली बजा दे ।

बखूबी निभाया किरदार आपने 
जीवन मृत्यू के बंधनो से मुक्तकर
ईश्वर हमारी पदोन्नति करने की सोचे
और इस जन्ममृत्यू से सीधा मोक्ष देदे ।

सद्कर्मो को करते रहेगे हमेशा यदि 
तो मृत्यू का डर रहेगा ही नही जीवन मे
सारा हिसाब किताब ऊपर दिखा सके हम
मृत्यू के बाद भी अमर अजर हो जाये हम ।




                            मीनाक्षी शर्मा