लोग बहुत अच्छे होते है,जब तक तुम उनके साथ होते हो।
तुम्हे पता भी नहीं चल
ता जिसके साथ तुम हो वो इन्सान इतना स्वार्थी होगा।
ये उसको छोड़ने के बाद पता चलता है उसकी हकीकत।
क्योंकि साथ रहकर हम उसमे कोई बुराई ढूंढ ही नहीं पाते।
जब अलग होते है तभी पता चलता है कि मोह में पड़ कर हमने उसमे कोई बुराई ही नहीं देखी।
कैसे गुजारे इतने साल उसके साथ? 
सोच कर अपने ऊपर ही गुस्सा आता है कि आज भी अच्छे बुरे की पहचान नहीं है मुझे।
इसलिए अब इंसान को समझने से ज्यादा परखने की जरूरत है।



             हरप्रीत कौर