मुझे जिंदगी! अब कहना सिखा दे
बिन कहे कोई समझे, ये मुमकिन नहीं
मुझे जिंदगी ! थोड़ा मरना सिखा दे
हर पल जी सकूं, ये तो मुमकिन नहीं
लौ बन कर मुझे ख़ुद ही जलना सिखा दे
हर सफ़र हों उजाले ,ये मुमकिन नहीं
लड़खड़ाकर सही, चलते रहना सिखा दे
थक के बैठूं मैं कुछ देर, मुमकिन नहीं
तपते रहकर मुझे ,मुस्कुराना सिखा दे
हर सफ़र राहतें दे, ये मुमकिन नहीं
मुझे जिंदगी! चुप रहना सिखा दे
मुझे जिंदगी! थोड़ा मरना सिखा दे.......
✍️🙏🌅 ऋतु बाजपेई

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