अल्फ़ाज़ नहीं कोई, कुछ गीत अनकहे ही रहने दो।

नाम नहीं कोई, कुछ नाम पानी से लिखे रहने दो।

पहचान नहीं कोई, कुछ नाम गुमनाम ही रहने दो।

मुस्तकबिल नहीं कोई, कुछ ख्वाब अधूरे ही रहने दो।

हमराज नहीं कोई, कुछ राज  राज ही रहने दो।

साथ नहीं कोई, बस अहसास ही रहने दो।

गुफ्तगू नहीं कोई, कुछ पल ख़ामोश ही रहने दो।

ख्वाहिश पूरी नहीं हर कोई, थोड़ी सी कमी भी रहने दो।

मिले बस ख़ुशी ही कोई, कुछ आंसू भी जरूरी रहने दो।

हासिल हो हर चीज़ कोई, कुछ खालीपन भी रहने दो।

मुराद पूरी हो हर कोई, जिंदगी में बस दुआएं ही रहने दो।

साज़ जरूरी नहीं कोई, कुछ नगमे बेसाज ही रहने दो।

अल्फ़ाज़ नहीं कोई, कुछ गीत अनकहे ही रहने दो।


.......✍️🌅🙏 ऋतु बाजपेई