कंचन अपने बेटे को एनआईसीयू में लेकर एडमिट थी उसके बेटे को मिर्गी का दौरा पड़ा था बेटे को नाक में ऑक्सीजन नाक में  ऑक्सीजन लगा हुआ था। नर्स बार-बार कह बच्चे का बुखार नापने के लिए बोल रही थी कंचन सुबह से शाम तक ऑफिस से काम करके लौटी थी। डॉक्टर ने उसे बार-बार डांट रही थी अगर आपने  थोड़ा और देर किया होता तो बच्चे की जान जा सकती थीं। कंचन मन ही मन बड़बड़ा रही थी नौकरी तो किया मैंने पर सास ननंद पर बच्चे छोड़ कर ऑफिस जाना घर बाहर संभालते संभालते हालत खराब हो गई है। एक तो मां जी बताती नहीं मुझे लग रहा था छोटू की तबीयत ठीक नहीं है पर मेरी तो एक बात कोई सुनता ही नहीं है। कुछ बोलो तो सीधे कहती हैं तुम तो सारा दिन बाहर रहती हो बच्चे तो मैं संभालती हूं। सारा दिन तो दादी दादी करके मेरे पास बैठा रहता है। कंचन का बदन टूट रहा था हर एक दो 2 घंटे पर बुखार जांच कर कपड़े से पोंछ रही थी पर बुखार छूटने का नाम ही नहीं ले रहा था। मैम कब तक डिस्चार्ज है मैडम ने कहा एम आई आर के लिए आपको कल जाना है कहीं दिमाग में तो असर नहीं हुआ है। कंचन  परेशान हो गए और उसने कहा बॉस को फोन करके कह देती हूं 15 दिन की छुट्टी दे दे जरूरी काम आ गए हैं।‌‌ बॉस से बात करने के बाद 15 दिन की छुट्टी मिलने के बाद कंचन को थोड़ी राहत मिली ‌। उसने सोचा बच्चा के पास थोड़ा सो जाओ कुछ देर बाद उठकर बच्चे के लिए बाहर से दूध ले आऊंगी। अभी आंख लगी थी कि उसे लगा कोई उसे के बदन को छू रहा है और कह रहा है क्या मेरा बच्चा लावारिस है यह सुनकर वहघबरा गई उसके मुंह से शब्द  निकला मैं आपको नहीं जानती आप कौन हैं। उसके सामने एक भयंकर काली साया जो लाल लाल और उसके दांत खून से सने थे बाल उसके बदन को छू रहा था और गले दबा रहा था वह जोर से चिल्लाने लगी बचाओ बचाओ मेरा कोई गला दबा रहा है। फिर कोई शब्द सुनाई पड़ी क्या लावारिस है मेरा बच्चा कंचन जोर जोर से चिल्लाने लगी उसे सच में लगने लगा कोई उसका गला दबा रहा है पूरा शरीर उसका कांपने लगा डर के मारे थरथर कांपने लगी हे दुर्गा माता हे काली माता रक्षा करो मैंने किसका क्या बिगाड़ा है एक तो मैं ऐसे ही परेशान हूं मेरा बच्चा एनआईसीयू में एडमिट है ऊपर से मेरे साथ क्या हो रहा है उसे लगने लगा जैसे उसके पूरे शरीर को कोई जकड़ रहा है। काली साया बोली मुझे इंसान पसंद नहीं है मेरे पति मुझे तलाक दे दिए हैं और मेरी बच्ची को भी स्वीकार नहीं कर रहा है मेरी मृत्यु अभी अभी हुई है मेरी आत्मा भटक रही है। कंचन थर थर कांपने लगी उसे लगा जैसे इसको वह जानती है आप कौन हैं ऐसा लगता है जैसे आप मेरी कोई परिचित है बहुत जोरों से वह आत्मा हंसी और कहीं भूल गई कंचन मैं तेरी दोस्त सीमा हूं। कंचन को तुरंत याद आया सीमा उसकी बचपन की दोस्त अभी तीन-चार साल पहले तो उसकी शादी हुई थी। नर्स के बार-बार जोर-जोर से उठाने पर वह उठ गई नर्स कर रही थी शायद आपने बहुत भयानक सपना देखा आप बहुत जोर जोर से चिल्ला रही थी। कंचन सपने वाली बात भूल गई थीं उसने कहा मुझे कुछ याद नहीं है थकावट के मारे मुझे इतनी गहरी नींद आए मुझे कुछ नहीं पता। कुछ देर में कंचन अपने बच्चे और पति में व्यस्त हो गई उसका पति हॉस्पिटल से डिस्चार्ज पेपर बनवा रहा था तभी कंचन फिर जोर से चिल्लाने लगी उसे वही फिर आवाज सुनाई पड़ी क्या मेरा बच्चा लावारिस है वह चिल्लाने लगी आप क्या चाहती हैं मैंने तो नहीं किसी को कहा मेरा कसूर क्या है कंचन मेरा पति मुझे छोड़कर चला गया मेरे मृत्यु हो चुकी है मुझे इंसाफ चाहिए मेरी लाश के सामने तमाशा कर  रखा है बोल रहा है डीएनए टेस्ट करवाओ मेरा बच्चा नहीं है। अब बताओ मैं क्या करूं घर में सारे लोग परेशान हैं। कंचन का दिमाग ठनका उसने तुरंत हूं फोन लगाया और कहा मां मुझे बहुत अजीब लग रहा है मुझे ऐसा लग रहा है जैसे किसी की आत्मा मुझे पकड़ी ली है और बार-बार कह रही है इंसाफ चाहिए। सीमा कैसी है अरे बेटा कल सीमा की अचानक मृत्यु हो गई रास्ते में ले जाते वक्त ही दम तोड़ दिया पता नहीं बहुत नौटंकी हो रही है। मैंने तुम्हें बताना भूल गई ऐसे ही पहले से तुम परेशान हो। कंचन पूरी बात समझ गई सीमा की आत्मा इंसाफ के लिए भटक रही है सीमा बोल रही थी मेरा पति शराबी है मुझे मारता पीटता था घर से निकाल दिया था। पति से तलाक लेने के बाद एक डेढ़ महीने की गर्भवती थी बच्चे होने के बाद अस्पताल में भी नहीं आया मेरी किस्मत भी खराब थी 2 महीने की बच्ची है मेरी पर भगवान ने मुझे इतना दुख दिया कि मुझे इस दुनिया से बुला लिया मैं क्या करूं मेरे फूल सी बच्ची को ना मां का प्यार नसीब हुआ और ना बाप का। उसकी भटकती आत्मा तड़प रही थी। कंचन फूट-फूट कर रोने लगी और सोचने लगी मेरी बातों को कौन विश्वास करेगा अस्पताल में पति ने भी मुझे डांटा फटकारा और कहां पागल हो गई है हॉस्पिटल के डॉक्टर नर्स भी कह रहे थे मैडम को मेंटल हॉस्पिटल ले जाइए डिप्रेशन के कारण पागल जैसे कर रही हैं। कंचन चाह कर भी अपनी मन की बात किसी को बताना चाहती थी पर बता नहीं पा रही थी।....।



                   सपना कुमारी
                   बिहार पटना