ये दिल बेचारा क्या जाने 
तुम्हारी मुस्कराहट और 
अदा पर मर मिटा 
ये नयन बेचारे क्या जाने 
नजरे मिली और दिल में उतर गई 
फासलों के दरियां में जितना उतरोगे डूबते ही जाओगे 
मंजिलें चाहोगे पर चल नहीं पाओगे
क्या पता था दिल लगी 
इतना भटकाएगी
ये मासूम सा 
दिल बेचारा क्या जाने 

              अंजू