एक दिन दिया रोज
अगले दिन प्रपोज,
फिर दी चॉकलेट,
आज गिफ्ट में टेडी
का उपहार धीरे धीरे
परवान चढ़ेगा
ख्वाहिशों का
यह संसार।
रह गयी अब
दिखाबे की
रस्में कसमें,
बाजारों में
सजता बिकता
दिलों का प्यार,
जब जी चाह
बदल लिया
प्यार,
कोई मायूसी न
दिल में कोई मलाल,
दो दिन के तोहफे,
देके जो बड़ा
प्यार का संसार,
जितनी जल्दी चढ़ा,
उतनी ही जल्दी
उतरा यह बुखार,
प्यार कर जरूर कर,
किसी चाहत में दिल
को मगरूर कर,
पर उसे निभा उम्रभर,
सुख दुख की हर डगर,
न मोहब्बतों के नाम पर,
रोज यह व्यापार कर,
हां यह है माहे इश्क,
तू प्यार वेशुमार कर,
पर उम्र भर का करार कर
तू ऐसा प्यार कर,
अंजू दीक्षित
बदायूं उत्तर प्रदेश

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