जब भी तन्हाई हावी होती है,
दिल  की हालत अजीब होती है।

 मन अनमना सा हो जाता है,
बस फिर तेरी ही ख्वाहिश रहती है।

यों तो बात हो जाती है तुमसे पल पल,
पर दूरियाँ बहुत रुलाती हैं।

जब तेरी वो सूरत जहन में मुस्कुराती है,
सच बताना तुम्हें भीएक कसक सी उठती है।

क्या भरती हैं दर्द से पलकें तेरी,
मिलने की हुमक सी उठती है।

पर जब कोई भी रास्ता नही मिलता,
तो रूह इस तरह ही सिसकती है।

                 अंजू दीक्षित,
             बदायूँ, उत्तर प्रदेश।