मंगल मंगळ्या वेला आया
भोर भई शिव धुन गाया
नव मंजरी अंकुर सब गाये
बोले पपिहा ....
ऊं नमः शिवाय
ऊं नमः शिवाय
वेलपत्र ने चंदन श्रृंगार कराई
राम नाम से
शिव को हर्षाए
उड़ उड़ चुन्नीयां
गोरी श्रृंगार सजाएं
रुप सिंदुरी शिव मन भाए
हर श्रृंगार गीत गुनगुनाये
ऊं नमः शिवाय....
ऊं नमः शिवाय....
चल रही हवाएं
खिलखिलाती प्रकृति सारी
देव,भूत आदि संग मिल
चले सब बाराती
बाघंबर चोला , शिव भस्म श्रृंगार सजायो
नाग गले में, चंद्र मुकुट सम सज जाये
जटा में लिपटी गंगा मंद मंद मुस्काये
बाजूबंध रुद्राक्ष, हाथ त्रिशूल , डमरु बाजे
ऊं नमः शिवाय...
ऊं नमः शिवाय.....
शिव शक्ति में हर मन रम जाए
विवाह मंडप शिव धुन गाए
ऊं नमः शिवाय...
ऊं नमः शिवाय.....
गिर गिर पत्त , पुष्प सब शुमंगली गाए
वसंत फाल्गुन कृष्ण त्रयोदशी
महा शिवरात्रि कहलाए
संग मिल सब बोल चलो
पुनः एक बार
ऊं नमः शिवाय
ऊं नमः शिवाय 🙏
प्रिया✍️
आप सभी को शिवरात्रि की हार्दिक शुभकामनाएं

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