⚘⚘⚘⚘ॐ⚘⚘⚘⚘
रुकना नहीं है अब आगे बढ़ते जाना है,
धीरे-धीरे कदम बढ़ाकर, सीढ़ियां चढ़ते जाना है
घर लक्ष्य को पाना है तो नहीं घबराना है,
दृढ़ निश्चय से लक्ष्य को पूरा कर दिखाना है,
अनदेखा और अनसुना करते जाना है,
है अजब गजब सी दुनिया वाले रोक लगाएंगे,
चलते चलते पैरों में छाले पड़ जाएंगे,
उन छालो पर तुमको स्वयं मरहम लगाना है,
रुकना नहीं है अब आगे बढ़ते जाना है, ्
संगीता वर्मा✍✍

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