1झूठी है दुनिया झूठे है नाते
मतलब से संसार प्रीति लगाते
2 तेरी मोह नींद अब तक ना टूटी
कई बार तुम को जगाया प्यारे।
3. तुम ही से यह जीवन जिए जा रहा हूं
जो कुछ दिया है लिए जा रहा हूं।
4. पथिक हूं यह अर्जी किए जा रहा हूं
जहां भी रहूं तुम को देखूं
तुंहीमें यह जीवन जिए जा रहा हूं
तुम ही में विषय विष ,तुम ही में अमृत
अमृत के जाम पिए जा रहा हूं।
दिल की कलम से
मधु अरोड़ा
18.3.2021

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