कविता दिवस की आप सब लेखक लेखिकाओं को, कवि,कवयित्री को बहुत बहुत बधाई💐💐
कलम से रचकर भाव अपने,
जीने के सहारे ढूंढ लिए।
जो डूब चुके थे गम के दरिया में,
उन दीवानों ने अल्फाजों के सहारे ढूंढ लिए।
लिख डाले ह्रदय के सभी भाव,
वो कवि ही तो था जिसने,
वीरानों में भी अनगिनत नजारे ढूंढ लिए।
वो कवि ही था जिसने बहती हवाओं में,
पेड़ों पर लहराती पुष्प लताओं में,
जिसने शरमाती प्रिय के इशारे ढूंढ लिए।
वो कवि ह्रदय ही था जिसने
प्रिय के सादगी भरे अख़्स में,
चाँद और तारे ढूंढ लिए।
वो कवि ही था जिसने,
सूरज भी न जहाँ पहुँच सका ,
उस सागर तल पर मोती प्यारे ढूंढ लिए।
वो कवि ही था जिसने ,
तपते सूरज की गर्मी में,
इश्क के नरम शरारे ढूंढ लिए।
गर न कवि होते न रचते कविता,
तो जी नहीं पाती मन की मौन व्यथा,
लिखकर खुशी और गम जीवन जीने के सहारे ढूंढ लिए।
वो कवि ही था जिसके ,
विरहाकुल ह्रदय ने,
सर्द दिसम्बर की रातों में गर्म अंगारे ढूंढ लिए।
वो कवि ही था पहचाना प्रेम ,
जिसने पुष्पों पर मड़राते ,
भंवरे मतवारे ढूंढ लिए।
अंजू दीक्षित,
बदायूँ,उत्तर प्रदेश।

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