वीर जवान की अलख कमान
जागो फिर से 'हिन्दुस्तान'
जो भारत को लूटने आये
चढ़ा दो सूली,हमें हैं भारत की आन
वीर जवान की......
"जन-गण-मन" हम इनके अधिनायक
सेवा-भाव से,सब जन सहायक
भाग्य 'भूमि' है,कर्म फल दान
जन्में यहाँ हैं,सब वीर महान
वीर जवान की......
"वन्दे-मातरम्" की संरचना
''वंकीम चन्द्र चटर्जी'' की रचना
ये हैं त्याग-बलि का दान
धन्य हमारी माता,धन्य वो उनकी संतान
वीर जवान की......
'सेवा-भाव' से देश सजायें
वो महान "बापू" कहलाये
वज्र बना,जिनका ललकार
वह वीर सपूत थे,चंन्द्रशेखर की शान
वीर जवान की......
"जलियां वाला बाग" को देखो
वहीं खेली थी,खून की होली
लड़ते-मारते,साथ देखकर
भाग खड़ी हुई,अंग्रेजों की टोली
वीर जवान की......
लेखक:-विकास कुमार लाभ
मधुबनी (बिहार)

0 टिप्पणियाँ