बरसाने मे होली खेले
नन्दबाबा के ललना
कनक लिये पिचकारी
भीजें राधारानी सुकुमारी ।
नटखट श्याम शरारत करते
बीच बीच मे हाथ पकडते
हारी उनसे बरसाने की छोरी
लजाकर आँखे मूँदे राधारानी ।
बरसाने मे होली खेले
नन्दबाबा के ललना ।
कनक लिये पिचकारी
भीजें राधारानी सुकुमारी ।
गूढ बात आँखन मे समुझाये
मंद -मंद अधरों से मुस्काये
ऐसे नटखट है वनबारी
भीजें राधारानी सुकुमारी ।
पीताम्बर पट,बैजंतीमाला
मोहिनी सूरत ,चचंल अखियाँ
बरसाने मे मुरली बजाये
भीजें राधारानी सुकुमारी ।
उडत गुलाल लाल हुये बदरा
राधा की भीजें सब सखियाँ
बंशी की धुन पर महारास करे
होली खेले प्रेम की बरसात करे ।
बरसाने मे होली खेले
नन्दबाबा के ललना ।
कनक लिये पिचकारी
भीजें राधारानी सुकुमारी ।
जय हो राधेश्याम की 🌹🌹🙏🙏
मीनाक्षी शर्मा

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