बेटियों को कोख में ही दम तोड़ने के लिए मजबूर करने वालो
🌼 जरा उनसे पूछो जिनके घरों में 🌼
बेटियाँ नही जन्मती ।
बेटियों पर जुल्मों सितम ढाने वालो
🌼 जरा उनसे पूछो जिनके घरों में 🌼
बेटियों की हसीं की किलकारी नही गूंजती।
बेटियों को लाचारी की बेड़ियों में बांधने वालो
🌼 जरा उनसे पूछो जिनके घरों में 🌼
बेटियों की पायलों की छनक नहीं गूंजती।
बेटियों को पग पग पर अपमानित करने वालो
🌼 जरा उनसे पूछो जिनके घरों में 🌼
बेटियों की शादी की शहनाई नहीं गूंजती।
बेटियों की अस्मिता पर हाथ डालने वालो
🌼 जरा उनसे पूछो जिनके घरों में 🌼
बेटियों की शोर शराबे नहीं गूंजती।
बेटियों को दहेज के लिए मारने वालो
🌼जरा उनसे पूछो जिनके घरों में 🌼
बेटियों की शोक यात्रा निकाली जाती।
बेटियाँ ही क्यों आखिर ऐ दुनियां वालो
🌼जरा उनसे पूछो जिनके रचे जग में 🌼
वनिता के लिए सम्मान की बातें सिर्फ शब्दों में ही की जाती ।
🌼🌼 जरा सबसे पूछो 🌼🌼
राजेश्वरी ठाकुर
छत्तीसगढ़

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