मुसीबतों ने मुझको घेरा है
चारों ओर अंधेरा है
हिम्मत ने भी साथ छोड़ा है
गमों ने मुझको घेरा है
पकड़ लेना हाथ मेरे मोहन
रास्ता दिखा देना मेरे मोहन
अंधेरे से उजाले की ओर ले जाना मेरे मोहन
पुकारूं जब भी मेरे मोहन
हाथ थाम लेना मेरे मोहन
खुशियों से हमें खिलादेना
जीवन हमारा सजा देना
मुश्किल आशा बना देना
जीवन बगिया महका देना।।
दिल की कलम से
मधु अरोड़ा

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