सैर तो एक बहाना है
प्रकृति से मिलने जाती हूँ
ईश्वर की सुन्दर कृति को
करवद्व शीश नवाँने जाती हूँ ।
काँटो संग खिलते फूलो से
जीवन मे प्रेरणा पाती हूँ
पर्णो पर बिखरे ओस के मोती
हाथों से छूँ कर आती हूँ ।
झिलमिल सूरज की शैतानी
किरणो से बाते करने जाती हूँ
चिडियो की वो मीठी वाणी
उपवन मे ,मै सुनने जाती हूँ ।
सैर तो एक बहाना है
प्रकृति से मिलने जाती हूँ
ईश्वर की सुन्दर कृति को
करबद्ध शीश नवाँने जाती हूँ ।
प्रातः काल की सुन्दर वेला मे
भ्रमरो का गुंजन सुनने जाती हूँ
अम्बर पर उडते खग देखने जाती हूँ
सुरमई हवाओ के संग.घूम के आती हूँ ।
हरितिमा से सजी धरा दुल्हन का
नयनरम्य दर्शन करके आती हूँ
प्रकृति से प्राणवायु जीवन की
आशीर्वाद स्वरूप पाने जाती हूँ ।
सैर तो एक बहाना है.
प्रकृति से मिलने जाती हूँ
ईश्वर की सुन्दर कृति को
करबद्ध शीश नवाँने जाती हूँ ।
🌳🌳🌲🌲🌹🌹🌳🌳🌲🙏
मीनाक्षी शर्मा

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