आज मै चली आसमान⛅ की
सैर को...
अपनों को कुछ पल अकेला छोड़
कर....
पहले तो उड़ी चिड़ियों के संग 
फिर थक कर लेट गई कुछ पल आंखें
मूंद के बादलों पर....
पर उठ जब घर को आई तो न
जाने क्यों...
रो पडी़ मैंअपने ही शरीर को मृत
देख कर....
मन ने मेरे सोचा कि क्यों मैं आज चली
मैं आसमान की सैर को...
अपनों को ही अकेला छोड़ कर
अकेला...!
🌱 मनु✍🏻

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