तेरी शर्मा कर झुकी हुई यह नज़र 
दिलों पर बरसाए जा रही है कहर

एक बेचैनी सी दिखी तेरी नज़रों में
जैसी महक छुपी होती है गजरों में

समन्दर की लहरों सी शांत यह आंखें
चोरी चोरी चुपके से मुझको ही ताकें

तेरी गहरी नशीली आंखों की झील में
डूबते ही एक हलचल सी मची दिल में

मैं आग की तपिश, और तुम शीतल पानी
इस मोहब्बत की होगी एक अलग कहानी


               राजू लधरोइया